रक्षाबंधन – भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में इस दिन राखी बाँधी जाती है।

यज्ञोपवीत / उपाकर्म – ब्राह्मण समुदाय में इस दिन जनेऊ बदलने की परंपरा होती है।
जल अर्पण और पूजा – भगवान शिव और भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है, खासकर श्रावण मास में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करने का महत्व अधिक है।
दान-पुण्य – इस दिन स्नान, व्रत, और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और धन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्रावण महीने की पुनम का बहुत हि महत्व हे,उस्के पुनम मे अगर आप के कोइ भी कुल्देवी को राखी बांध ते हे तो आप के देवी-देवता आपकी पुरे साल आप के घर कि रकशा करते हे.उस्के बाद आप अप्नी घर पे रहि गाडी ओर घर के दरवाजे बंधो.